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कुछ महीनों पहले मैंने अपने पापा को बताया कि मैंने इंटरनेट से कुछ पैसे कमाये हैं। पापा ने जब यह बात सुनी तो पहले तो उन्हें इस पर कोई यकीन नहीं हुआ लेकिन फिर बाद में जब मैंने उन्हें transaction की reciept दिखाई तब जाकर उन्हें मेरी बातों पर कुछ विश्वास हुआ (हालांकि उन्हें अभी भी यह doubt जरूर है कि ये कोई fraud वगैरह हो सकता है)।

मेरे पापा के ही तरह बहुत सारे लोग हैं जिन्हें लगता है कि ऑनलाइन काम करके कोई stable पैसा नहीं कमाया जा सकता है। हालांकि कई सारे ऐसे भी लोग हैं जिन्हें पूरी तरह से पता तो हैं कि Online Earning की जा सकती है मगर वो इस बात में ही उलझकर रह जाते हैं कि इस काम को शुरू कैसे किया जाये।

आज के इस आर्टिकल में हमने घर बैठे ऑनलाइन काम करके पैसा कमाने के सबसे लोकप्रिय तरीके के बारे में चर्चा की है, जिसका नाम है- फ्रीलांस कंटेन्ट लेखन (Freelance Content Writing).

तो अगर आप भी एक ऐसे व्यक्ति है जो जानना चाहते हैं कि इंटरनेट पर आर्टिकल लिखकर पैसा कैसे कमाया जा सकता है तो इस पूरी पोस्ट को बड़े ध्यान से पढिए क्योंकि इसमें हमने ऑनलाइन कमाई करने के एक बड़े तरीके Content Writing के बारे में detail में पूरी जानकारी दी है।

तो चलिए जानते हैं कि कंटेन्ट राइटिंग क्या है और कैसे आप कंटेन्ट राइटर बनकर घर बैठे सैकड़ों रुपए कमा सकते हैं-

1). कंटेन्ट का मतलब क्या होता है? (What is Content):

कंटेन्ट का शुद्ध हिन्दी में मतलब होता है- “सामग्री या सामान”।

लेखन में Content का मतलब होता है- आप जो चीज लिख रहे हैं वो.. मिसाल के तौर पर अगर आप एक आर्टिकल लिख रहे हैं तो वह आपके लिए कंटेन्ट हो गया।

इंटरनेट पर Content के तीन मतलब हो सकते हैं

 

  • Audio Content- जिसे सिर्फ सुन सकते हैं. जैसे- podcast, fm
  • Video Content- जिस कंटेन्ट को देख सकते हैं. जैसे- Youtube Videos, Web Series, Movies
  • Text Content- जिसे सिर्फ पढ़ा जा सकता है. जैसे- Article, Book

लेकिन अब क्योंकि content writing में हमें content लिखना होता है इसलिए इस केस में कंटेन्ट से हमारा मतलब Text Content से होता है। कंटेन्ट के बारे में ज्यादा जानने के लिए आप नीचे दिया गया आलेख पढ़ सकते हैं-

2). कंटेन्ट राइटिंग क्या होती है? (What is Content Writing meaning):

कंटेन्ट का मतलब होता है किसी भी विषय पर लिखा गया कोई आर्टिकल और Writing का मतलब होता है- लिखना।

यानि,

किसी भी विषय पर कोई आलेख लिखने को Content Writing कहते हैं

मसलन, अभी आप जो यह article पढ़ रहे हैं, यह कंटेन्ट मैंने लिखा है। इसलिए इस पोस्ट को लिखने का काम मेरे लिए कंटेन्ट लेखन है और इस पोस्ट का content writer मैं हूँ।

3). कंटेन्ट राइटिंग की अहमियत/जरूरत (Importance of Content Writing):

आपमें से कई सारे लोगों के मन में यह सवाल उठ सकता है कि आखिर कंटेन्ट राइटिंग की जरूरत किसको है और क्यों है?

दरअसल बहुत सारे ऐसे लोग होते हैं जिनके खुद के ब्लॉग्स या फिर news websites होती हैं। इन लोगों को अपनी वेबसाइटों को अच्छे से चलाने के लिए बहुत सारे कंटेन्ट की जरूरत होती है। ऐसे लोगों को दिक्कत तब शुरू होती है जब वे खुद के दम पर पर्याप्त मात्रा में कंटेन्ट produce नहीं कर पाते हैं।

जैसे कि अगर किसी न्यूज वेबसाइट को दिनभर में 20 पोस्टें छापनी हैं लेकिन उसमें सिर्फ एक बंदा काम करता है और वह मुश्किल से 10 खबर ही छाप पाता है, तो यही वो point है जहां पर content writer की जरूरत पड़ती है।

अब उस वेबसाइट का मालिक अपने काम के बोझ को कम करने के लिए और पर्याप्त मात्रा में कंटेन्ट उत्पादित करने के लिए बाहर से content writers को outsource करता है यानि उनको पैसे देकर उनसे अपना काम करवाता है। कंटेन्ट राइटर्स को वह per word के हिसाब से भुगतान करता है।

इसके अलावा कई सारे लोग होते हैं जिन्हें अच्छा कंटेन्ट लिखना नहीं आता है, वे भी कंटेन्ट राइटर्स को hire करके उनसे कंटेन्ट लिखवाने का काम करते हैं।

इसके अलावा कई अखबार, पत्र-पत्रिकाएँ और मैगजीनें जाने-माने लेखकों, विशेषज्ञों और कंटेन्ट राइटरों से कंटेन्ट लिखवाती हैं और बदले में वे उन्हें अच्छा भुगतान करती हैं।

4). कंटेन्ट राइटर क्या है? (What is Content Writer):

कंटेन्ट राइटर वो व्यक्ति होता है जो किसी विषय पर अच्छा आर्टिकल या अच्छा कंटेन्ट लिखना जानता है।

उदाहरण के लिए अगर कोई व्यक्ति किसी अखबार, मैगजीन या फिर ब्लॉग के लिए कंटेन्ट लिखता है तो उसे कंटेन्ट राइटर कहा जा सकता है।

+ कंटेन्ट राइटिंग के प्रकार (Types of Content Writing)-

काम करने के ढंग के आधार पर कंटेन्ट लेखन मोटे तौर पर दो प्रकार का हो सकता हैं-

  1. फ्रीलांस कंटेन्ट लेखन (Freelance Content Writing)- वह व्यक्ति जो स्वतंत्र रूप से कंटेन्ट लिखता है। यानि वह permanantly किसी कंपनी से नहीं जुड़ा होता है। उसे कोई regular salary नहीं मिलती है। वह लोगों या किसी कंपनी से contract लेता है जिसके बदले उसे भुगतान किया जाता है। इस तरह के कंटेन्ट राइटर दफ्तर नहीं जाते हैं वे घर बैठकर यानि work from home काम करते हैं। यह एक जॉब नहीं है।
  2. रेगुलर कंटेन्ट राइटिंग जॉब (Regular Content Writing Job)- वे कंटेन्ट राइटर जो किसी organisation से जुड़े होते हैं और ज्यादातर समय उसी के लिए कंटेन्ट लिखते हैं। ऐसे राइटरों को कंपनी द्वारा तनख्वाह के आधार पर भुगतान किया जाता है। ऐसे राइटर ज्यादातर ऑफिस जाकर काम करते हैं हालांकि ऐसा जरूरी नहीं है। यह एक तरह की कंटेन्ट राइटिंग जॉब है।
  3. ऑनलाइन कंटेन्ट लेखन (Online Content Writer)- जब हम घर बैठकर इंटरनेट की मदद से ही कंटेन्ट प्रोजेक्ट लेते हैं; उन्हें client को भेजते हैं और payment लेते हैं तो इसे online mode of content writing कहते हैं। आजकल कंटेन्ट राइटिंग का यह सबसे ज्यादा popular तरीका है।
  4. ऑफ़लाइन कंटेन्ट लेखन (Online Content Writing)- जब हम post office या फिर किसी अन्य ऑफ़लाइन साधन के द्वारा content writing करते हैं तो इसे offline content writing बोलते हैं। पहले यह बहुत ज्यादा लोकप्रिय थी लेकिन अब इसके दिन चले गए हैं।

5). कंटेन्ट लेखन से जुड़े कुछ प्रमुख शब्द (Important Content Writing Terms):

ये कुछ शब्द हैं जो content writing के फील्ड में अक्सर इस्तेमाल किये जाते हैं। इन शब्दों के बारे में हर नए content writer को जानकारी होनी चाहिए।

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  • Word Count- जितने शब्दों का content होता है उसे Word Count बोलते हैं। जैसे कि अगर कोई आर्टिकल अगर 1000 शब्दों का है तो इसका मतलब उसका वर्ड काउंट 1000 है।
  • PPW- पीपीसी Content Writers के द्वारा rate के लिए यूज किया जाने वाला word है। इसका मतलब होता है- Price Per Word. यानि आपको एक शब्द लिखने के बदले कितना पैसा मिलने वाला है। आमतौर पर यह 10 से 50 पैसे के बीच होता है।
  • SEO- इसका मतलब होता है- “Search Engine Optimization” यानि कंटेन्ट को सर्च इंजनों में अच्छे स्थान पर रैंक करवाना। इसलिए अगर आप किसी ब्लॉग के लिए content लिख रहे हैं तो आपको SEO के बारे में जरूर जानना चाहिए।
  • Client- वह व्यक्ति जो जिससे हम content deal करते हैं वह हमारे लिए क्लाइंट (client) हो जाता है और उसके लिए हम क्लाइंट हो जाते हैं।
  • Content Project- हमें एक व्यक्ति का जितना content लिखना होता है उसे कंटेन्ट प्रोजेक्ट कहते हैं। जैसे कि अगर एक व्यक्ति का हमें 50 आर्टिकल लिखना है तो हमारा प्रोजेक्ट 50 आर्टिकल का हो गया।
  • Negotiation- जब हम अपनी PPW बढ़ाने के लिए bargaining करते हैं तो उसे negotiation कहते हैं।
  • Freelancer- जो व्यक्ति घर बैठकर बिना किसी company से जुडे हुए काम करता है उसे फ्रीलांसर कहा जाता है।

6). कंटेन्ट राइटिंग कैसे सीखें और करें? (How to try to to Content Writing Business in India):

कंटेन्ट राइटिंग करना कोई रॉकेट साइंस नहीं है। इसे कोई भी थोड़ा-बहुत पढ़ा लिखा व्यक्ति आसानी से कर सकता है बशर्ते कि उसे लिखने का बहुत शौक हो।

तो अगर आप भी कंटेन्ट राइटिंग करना चाहते हैं और इसकी मदद से घर बैठे पैसे कमाना चाहते हैं तो नीचे दिए हुए steps को ध्यान से फॉलो करें-

  1. सबसे पहले यह पता लगाएँ कि आपको किस चीज के बारे में knowledge है; आपको किस विषय, किस टॉपिक के बारे में लिखने अच्छा लगता है।
  2. एक बार जब आपको अपने interest का पता लग जाए तो अब बारी आती है कंटेन्ट क्लाइंट को ढूंढने की।
  • इसके लिए आपको सबसे पहले facebook में जाकर सर्च करना है- “Content Writing Groups”.
  • जैसे ही आप ऐसा सर्च करोगे तो आपके सामने कई सारे ग्रुप दिख जाएंगे। आपको उनमें से कुछ ग्रुप join कर देने हैं। ध्यान रहें कि आप ऐसे group ही जॉइन करें जिनसे कि बहुत सारे लोग जुड़े हैं।
  • इसके बाद कुछ घंटों तक wait करना है। इस तरह से कुछ समय बाद आपकी ग्रुप की joining request accept हो जाती है।
  • इसके बाद आपको ग्रुप में घूमते रहना है। जब आप ग्रुप में active रहेंगे तो आपको बहुत सारी content writing post दिखेंगे। जिनमें लिखा होगा- “Content Writer Required”.
  • आपको ऐसे पोस्टों पर “IB (InBox) लिखकर comment कर देना है। और साथ ही पोस्ट लिखने वाले व्यक्ति को एक direct message कर देना है (अगर पोस्ट में email दिया है तो आप mail भी कर सकते हैं)।
  • इसके बाद आप आगे, काम की quantity, word count और rate (PPW) जैसी चीजों को discuss कर सकते हैं।
  • कई क्लाइंट आपसे sample मांगते हैं। यह जानने के लिए कि आप कैसा लिखते हैं इसके लिए आपको एक छोटा-सा आर्टिकल उन्हें देना होता है, जिसके आधार पे वे decide करते हैं कि आप कितना अच्छा लिखते हैं।
  1. इसके बाद आप अपने client से topic मांगकर उस टॉपिक के बारे में research करके लिखना शुरू कर सकते हैं और फिर जब आर्टिकल पूरा हो जाए तो आप उसे WhatsApp या Email के जरिए अपने client को भेज सकते हैं।
  2. इसके बाद आप Google Pay, UPI, Bank Transfer (NIFT) या फिर PayPal (International) के माध्यम से अपने client से अपने काम की payement ले सकते हैं।

फ़ेसबुक ग्रुप्स के अलावा भी आप दूसरी कई अन्य जगहों जैसे- LinkedIn, Freelancing Sites, WhatsApp Groups आदि से भी client तक पहुँच सकते हैं। लेकिन facebook groups बेस्ट हैं।

नोट: अगर आप भी घर बैठे Content लिखने का काम करना चाहते हैं तो आप हमें इस नंबर पर WhatsApp कर सकते हैं- +91 8423316619.

 

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