Data और Information क्या है- What is Data and Information in Hindi.

Computer Data and Information in Hindi

शायद आपको पता नहीं हो Data और Information क्या है l इसको समझने के लिए आपको Data Processing के बारे में जानना बहुत ही आवश्यक है, यह भी हमारे चर्चा में शामिल है l जब आप इस Article जान जाएंगे Data और Information में Difference क्या है,तो अच्छी तरह से आप समझ जाओगे l आपको ये जान के हैरानी होगी कि आज के इस Article में आपके साथ मै Information ही share कर रहा हूं l बड़ी ही दिलचस्प कि बात है आज का विषय भी यही है l

लोग चाहे जितने भी Advance Technology का इस्तेमाल कर लें लेकिन Information की जरुरत हमेशा रहेगी l जैसे आप अभी Search किए हैं l तथ्य को data और जानकरी को Information कहते हैं l आप और हम जानकारी से घिरे हुए हैं हर जगह हर पल हमसे कोई अगर बात करता है, या किसी चीज़ को देखते हैं तो हमे उसमें से कुछ जानकारी मिलती है l अगर हमें कुछ Decision या action लेना है तभी हमें Information चाहिए l जैसे जब Notice board में एक Notice आया की “अगले 10 दिन के लिए school और college बंद रहेगा” l जब आप इस information को Notice board में देखते हो तब आप खुश तो जरुर होते हैं और इसके साथ तुरंत कुछ Decision लेते है l जैसे वो decision इन में से कुछ होंगे “मै 10 दिन के लिए Delhi घुमने जाऊंगा या जाऊंगी ”, “10 दिन में मेरे notes complete करूँगा या करुँगी l

Mark Sheet, Blood pressure report, Attendance Report इन सभी में कुछ ना कुछ जानकारी रहती है l इस जानकारी के लिए हमें पहले data की जरुरत होती है  l

इस Article में हम कम्प्युटर डाटा और सूचना के बारे में पूरी जानकारी देंगे l क्योंकि अक्सर डाटा और सूचना को एक ही समझा जाता है, और एक दूसरे का पर्याय के तौर पर इस्तेमाल भी करते है l इसलिए इस Lesson को पढ़कर डाटा और सूचना में अंतर भी पता चल जायेगा l चलिए अब इनके बारे में विस्तार से जानते है –

डाटा क्या है – What is Data ?

Computer – Data | IT For Everyone

किसी चीज के बारे में Fact और Information को ‘Data‘ कहा जाता है l इस Information में Number, Word, Images, Symbol आदि शामिल होता है l यह तथ्य अर्थहीन और सामान्य इंसान की समझ से परे होते है l डाटा को विभिन्न स्रोतों से इकट्ठा किया जाता है l

डाटा को बाद में विभिन्न माध्यमों से Process करके नया डाटा (अर्थ-पूर्ण डाटा) बनाया जाता है l चुकि कम्प्युटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है l इसलिए कम्प्यूटर द्वारा डाटा प्रोसेस करने की Process को EDP(Electronic Data Processing) कहा जाता है l

Computer के लिए डाटा Numbers होते है जो Bytes का Collection होता है l जिसे Binary Digits (0 और 1) में Represent किया जाता है l यह डाटा प्रोसेसिंग़ के लिए CPU में चला जाता है l जहाँ इस Data ऊपर Logical Operations करके New Data (Output) बनाया जाता है l

Data शब्द Datum का Plural (बहुवचन) रूप है l Data का मतलब है तथ्य, तथ्य इनमे से कुछ भी हो सकता है- नंबर, नाम, और symbol. इन तथ्यों को एक जुट करके analysis करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है l Data कोई Text, Picture, Sound में से कुछ भी हो सकता है l डाटा को निचे दिए गए Character से Represent किया जाता है –
Number– 123, 23.40, 606, 1000, 121.50, 3111.50.
Symbols– @, #, %, *, $.
Character-A, B, C, D, e, f, g, h, i, j
String– Smith, ram, pathan, tony, rahul .

Example of Data

जैसे एक Student है उसका नाम, roll no, mark, City Name, Address, ये सब एक एक data है l या बोल सकते हैं यह Student के बारे में जानकारी है l जब इन सभी डाटा को एकत्रित करके हम एक student report बना देते हैं तब उसे Information कहते हैं, जिसके बारे में हम आगे चर्चा करेंगे l कुछ और डाटा के उदहारण हैं , prices, costs, numbers of items sold, employee names, product names, addresses, tax codes, registration marks. उपयोगी जानकारी पाने के लिए हमें data की आवश्यकता होती है, जब हम बहुत सारे data को एकत्रित करके प्रसंस्करण (Process) करते हैं तभी हमें Information मिलती है l

सूचना क्या हैं – What is Information ?

Information Technology Management, A Brief

सूचना को अंग्रेजी में Information कहा जाता है l सूचना किसी चीज के बारे में अर्थपूर्ण जानकारी होती है l जिसे सामान्य इंसान समझ सकता है l जैसे किसी कक्षा में विद्यार्थियों की औसत उम्र एक सूचना है जो उपयोगी है l

Computer में जब किसी कार्य को करने के लिए निर्देश दिए जाते है, तो इस डाटा को प्रोसेस करके अर्थपूर्ण परिणाम दिया जाता है जिसे सूचना कहा जाता है l

Information एक ऐसा डाटा है, जिस डाटा को कुछ इस तरह से Process किया जाता है, जिससे Receiver को कुछ उपयोगी जानकारी मिल सके l डाटा को Processing करने पर ही हमें Information मिलती है या यह भी कहा जा सकता है कि Processed data को ही Information कहते हैं l Data को कुछ इस तरह आयोजित किया जाता है, जिससे हमें कुछ जानकारी मिल सके l Information हमें फैसले लेने में मदद करता है l 101217 अब आप से एक सवाल पूछूं ये क्या है ? आप सायद कहो एक नंबर है, लेकिन मैं कहूँगा ये कुछ भी नहीं है l इसको Information में बदल दूँ, तो सायद इनमे से ये कुछ भी हो सकता है, जैसे date-10/12/17, time-10:12:17, Rs-1,01,217/- money , शायद आप अब समझ गए होंगे कि Information क्या होता है lआगे जब हम data processing के बारे में चर्चा करेंगे तो आप और अच्छे से समझ जाएंगे l

EX- Timetable, Merit list, Report card, pay slip, work sheet, charts, invoice, Student report card. एक student के हर subject में mark, उसका नाम, roll no, address, class अब यहाँ ये प्रत्येक चीज एक एक डाटा है l जब हम इन डाटा को एकत्रित कर student report कार्ड बना लेते हैं तब वह एक Information में परिवर्तन हो जाता है l भारत के कुल आबादी के कितने प्रतिसत लोग गाँव में रहते हैं और कितने लोग शहर में रहते हैं इसकी अगर एक रिपोर्ट बनाई जाए तब वह एक information है l यह report बनाने के लिए भारत के लोगों की data की आवश्यकता है वो data है address, इसी से हमें यह पता चलेगा की कितने लोग गाँव में रहते हैं और कितने शहर में l Information कैसे बनाते है, क्या प्रोसेस है, इसके लिए हम अब चर्चा करेंगे data Processing के बारे में –

Data Processing क्या है और कैसे Information को बनाया जाता है ?

डेटा को उपयोगी जानकारी में बदलने की प्रक्रिया को डाटा प्रोसेसिंग के रूप में जाना जाता है l कुछ दिए गए data से जरूरतमंद जानकारी को निकलने की प्रक्रिया को भी Data Processing कहते हैं l हमें इस प्रक्रिया से कुछ जानकारी मिलती है जैसे Report, tables, chart. इस प्रक्रिया में डाटा को उपयोगी बनाया जाता है l Data processing का मकसद यह है की डाटा को Information में परिवर्तन करना l जब डाटा के ऊपर कई steps लिए जाते हैं तब वह एक data नहीं रहता वह जानकारी बन जाती है l

(Data >Process> Information)

Data processing Stages

नीचे दिए गए steps Data Processing में लिए जाते हैं-

  1. Input
  2. Processing
  3. Output

एक एक कर के इन steps के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे –

1. Input

इस  input प्रक्रिया में डाटा को collect किया जाता है और कहीं स्टोर किया जाता है l स्टोर करना मतलब आप  computer में भी store कर सकते हैं या कोई paper में लिख सकते हैं l Output सूचना पूरी तरह से Input data पे निर्भर करता है l input प्रक्रिया में निचे दिए गए steps सामिल हैं l

a) Collection

Input करने से पहले हमें कुछ data collection की आवश्यकता है l Data को अलग अलग Source से collect किया जाता है, जैसे एक शहर में कितने घरों में कार है यह जानने के लिए, घर घर जा कर तथ्य को collect किया जाता है l एक class में कितने student 60% से ज्यादा मार्क रखे हैं l इस Information को जानने के लिए भी हर student की  Mark-sheet collect करने की जरुरत है l

b) Verification

अब अगला जो step है वो है Verification, जहाँ यह निश्चय किया जाता है की जो data input के लिए लिया गया है वह सही है या गलत ? जैसे जब result PUBLISH करने से पहले सबसे पहले उसे Verify किया जाता है l आप भी किसी को कोई जानकारी या report देने से पहले एक बार verify जरुर करते हैं l

c) Coding

इस स्टेप में डाटा को Coding किया जाता है, इसका मतलब है Machine form यानि Computer Readable Form में Convert करना l जिसे computer Input data को आगे Process कर सके l

d) Storing

अब जो डाटा Computer के excel या word में enter किया गया है l उस डाटा को Computer में Store किया जाता है l इसके लिए कोई Storage Device का इस्तेमाल किया जाता हैl जब डाटा कंप्यूटर में स्टोर हो जाता है, तभी अगला जो step है Processing के लिए भेजा जाता है l

2. Processing

यह वो step हैं जहाँ Information बनाने की प्रक्रिया का आरंभ होता है l यहाँ इन निचे दिए गए सभी Techniques का इस्तेमाल किया जाता है, Classification, Sorting, calculation, summarising, comparing.

a) Classification

इस प्रक्रिया में, डेटा को समूहों और उपसमूहों में वर्गीकृत किया जाता है l जिसे डाटा को समझने में आसानी होगी l जैसे college में students Data को अगर classify करेंगे तो, science श्रेणी के Data को अलग, commerce श्रेणी के data को अलग और arts श्रेणी के data को अलग अलग रखेंगे जिसे data Analysis करने में आसानी होगी l

b) Sorting

यहाँ डाटा को एक order में arrange करके रखा जाता है l जिससे हमें Data को access करने में आसानी होगी l Sorting Order कुछ भी हो सकता है Ascending या Descending l जैसे Class में roll number को Alphabetical Order में रखा जाता है l Marks को Highest mark से Lowest Mark l

c) Calculation

Calculation Process में दिए गए डाटा के उपर कोई arithmetic Operation को Perform किया जाता है l जैसे वो Operation इनमे से कुछ भी हो सकते हैं SUM, Average, percentage. EX- एक क्लास में students के average marks कितने हैं,भारत के कुल आबादी के कितने Percentage लोग गाँव में रहते हैं, male और female का अनुपात,ये सब calculation Steps में आते हैं l इसके जरिए एक सही summarised information मिलती है l

d) Summarising

Input data के ऊपर दिए गए सारे operation Perform करने के बाद एक summarised Report को Produce किया जाता है l कोई Company में मैनेजमेंट को कभी भी पूरी जानकारी नहीं दी जाती, वहां बस Summry भेजा जाता है l जैसे doctor, बहुत सारे test करने के बाद एक रिपोर्ट देते हैं की इस आदमी को ये बीमारी है l रिपोर्ट कार्ड भी exam result की summary होती है l शायद आप समझ गए होंगे data को Processing के लिए कैसे Send किया जाता है और कैसे होता है ?

3. Output

जब Processing के सभी Steps ख़तम हो जाते है, तब Output result प्राप्त होता है जिसे जानकारी कह सकते हैं l Processing step का एक ही मकसद रहता है Exact Result निकलना और user को देना l ज्यादातर समय Output Information को कोई Storage device में Store किया जाता है lजैसे हार्ड डिस्क, pen drive, CD, DVD.

Output (Output Result पे होने वाली गतिविधियाँ)-

a) Retrieval

Future में, जब चाहें तब output result को Storage Media से Retrieve किया जा सकता है l जैसे एक student का 6 semester exam का result जब चाहें तब किसी भी कोई से भी semester का marks देख सकते हैं l इस प्रक्रिया को Retrieval कहते हैं l

b) Conversion

Output result को अलग अलग Form में Convert किया जा सकता है l शायद आप देखे होंगे डाटा को Processing करने के बाद जो Output result प्राप्त होता है उन्हें इनमे से किसी भी रूप में देख सकते हैं l जैसे Output Information –Graph, Flowchart, chart, Table, Diagram, Report. India का Population का GRAPH, Population growth chart, College Time table ये सभी Output result के Example है l

c) Communication

Data को processed करने के बाद जो भी output निकलता है, वह एक Information है. जिसे Share करना अति आवश्यक है, जैसे news paper में जो information सबके पास आसानी से पहुँचाना l अगर बात करें College Time table कि जिसको Peon Notice Board पे छापता है l जिससे ये जानकारी सारे Students को मिले, इसी को Communication कहते हैं l Output result को share करने की Process को Communication कहते हैं l ( आजकल जब से Camera आया है, sharing तो photos को Whatsapp group में डालते ही हो रहा है जैसे time table फोटो, result, Notice )

My Fact-

मै अब आपको data Processing के तीनों Steps को एक उदहारण के माध्यम से समझाने की कोशिस करूँगा शायद आपको और अच्छे से समझ में आये l College Time table/school Time table जहाँ students को class time की जानकारी दी जाती है l College time table बनाने से पहले सारे Teachers से data Collect किया जाता है की उनको अपने subject को ख़तम करने के लिए कितनी Classes चाहिए और किस दिन वो Teacher Free हैं class के लिए l अब यही जानकारी सारे Teachers से ली जाती है l यह Input का Data Collection स्टेप है l इसके बाद Teachers को ये पूछा जाता है क्या आप जो classes की Information दियें है वो सही है, इसको कहते है Verification l सभी Teachers के द्वारा दी गई जानकारी को Computer या excel File में Store किया जाता है, जिसे Coding और Storing कहा जाता है l

अगला जो स्टेप है वो है Processing, जिसमे किस Teacher को कितनी Class चाहिए अपने Subject को ख़तम करने में उसके लिए अलग अलग teachers का Group बनाया जाता है l जिसको कहते हैं Classification जो Processing का पहला स्टेप है l teachers के Number of classes के मुताबिक ज्यादा Classes वाले teacher को ऊपर और कम class वाले Teacher को निचे रख के Sorting किया जाता है l अब बारी आती है Calculation की जहाॅ ये हिसाब लगाया जाता है, की एक week में 7 दिन होते हैं l 1 दिन में 5 class Maximum Class हैं l मतलब 7×5=35 Classes एक week में हैं l

अब देखा जाता है कौन से Teacher किस किस दिन Free हैं और उनको कितनी class देनी चाहिए जैसे उनका Course सही समय के अंदर ख़तम हो जाए l यह सब Processing के Calculation स्टेप में आता है l CLASSES और FREE TIME को ध्यान में रखते हुए अलग अलग days (Sunday, Monday, Tuesday, Wednesday, Thursday, Friday, Saturday) के अलग अलग time पे Teacher को Classes दी जाती हैं l अब इसे एक Table (Conversion Step) बनाके लिखा जाता है और Output के रूप में College Time Table निकल के आता है l हम इस Time table को कहीं भी Store करके रख सकते हैं ( MS-EXCEL, Notice Board, Copy में) l

उम्मीद है अब आप data Processing अच्छे से समझ गए होंगे l आप अगर Article को दो या तिन बार पढोगे तो आपको अच्छे से सब समझ आएगा l
अब हम बात करेंगे Data और Information में अंतर क्या है (data vs information)-

Data और Information में अंतर क्या है (Difference Between data & Information in Hindi)

Data vs Information - Information - YouTube

  • डाटा अर्थहीन और Unprocessed जानकारी होती है l लेकिन, सूचना अर्थपूर्ण तथा Processed जानकारी होती है l
  • डाटा को एक आम इंसान समझ नही सकता हैं l मगर सूचना एक आम इंसान के समझने योग्य होती है l
  • डाटा कम उपयोगी होता है l मगर सूचना हमेशा उपयोगी होती है l
  • डाटा आत्मनिर्भर होता है l मगर सूचना डाटा पर निर्भर होती है l
Data Information
Latin शब्द Datum से ही data शब्द आया है जिसका अर्थ है “कुछ देना” Information शब्द middle English और French के शब्द से आया है. इस शब्द का अर्थ है “किसीको कुछ बताना”
1600 में datum शब्द का प्रचलन हुआ था और समय के साथ datum शब्द Data में परिवर्तन हो गया जो datum का बहुवचन शब्द है सन् 1300 से Information शब्द का लोग इस्तेमाल कर रहे हैं
“Number” “Symbols” “characters” “Letters” जिनका मतलब Limited रहता है. जो तथ्य पुरे नहीं होते और ना ही उनका कोइ मतलब होता है DATA को जब Process किया जाता है तब हमें जो तथ्य मिलता है उसे Information कहते हैं- जैसे Time-Table mark-sheet Notes News
data जिसका अपने आप में कोई मतलब नहीं होता है,12 जिसका कोई भी Meaning नहीं है data को Meaningful बनाने के बाद ही हमें Information मिलती है,12 kg आलू
केवल data को इस्तेमाल करके हम कोई भी Decision नहीं ले सकते हैं Decision लेने के लिए Information का इस्तेमाल किया जाता है
Data Repeatable और Duplicate भी हो सकता है Information Duplicate नहीं होता है
DATA को हम SHARE नहीं कर सकते है Information को हम share कर सकते हैं
EX- कोई Meaning नहीं है “20” “30” “RAMESH” “PG123XY” “100918” Information जिसका अपने आप में कुछ ना कुछ Meaning रहता है -“Roll no-30” “20 kg” “Ramesh एक लड़के का नाम है” “RS-100918/-” “DT-10/09/18” “Time- 10H:08M:18Sec” इन सबसे हमें कुछ Information मिलता है

 

उम्मीद करता हूं दोस्तों आपको यह Article पसंद आया होगा और इसे आपको जरूर मदद मिली होगी तो अगर आपको हमारा आर्टिकल पसंद आता है तो उसे सोशल मीडिया पर अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें और आप कोई सवाल है तो हमे कमेंट करें !

हर जानकारी अपनी भाषा हिंदी में सरल शब्दों में प्राप्त करने के हमारे फेसबुक पेज को लाइक करे जहाँ आपको सही बात पूरी जानकारी के साथ प्रदान की जाती है हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहाँ Click करें l


यह भी पढ़ें-

Basic Computer Components की जानकारी Hindi में ।

History of computer | Generation of Computer की पूरी जानकारी Hindi में l

सॉफ्टवेयर क्या होता है – What is Software(In Hindi)?

कम्प्युटर के फायदे और नुकसान हिंदी में।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here