How did you learn

यह Learn SEO in hindi tutorial के steps follow करने से आप की वेबसाइट का traffic और search engines

में ranking दोनों increase होंगी।

किसी भी ब्लॉग का traffic increase करने के लिये SEO करना बहुत जरुरी है।

आज के time मे google मे हर रोज़ 10 लाख ब्लॉग पब्लिश होते है।

तो यह संभावना बहुत ज्यादा है के हमारा Blog इस भीड़ मे खो जाये और किसी को नज़र ही न आये ।

ऐसा न हो , इसके लिये जरुरी है की हम अपने ब्लॉग का SEO करे ताकि वह Google के टॉप पर आये और उस पर पर ज्यादा से ज्यादा visitors आये।

Search Engine Optimization हमारी वेबसाइट की organic ranking बढ़ाता है।

इस को हम इस example से समझ सकते हैं – जब हम Google मे कुछ search करते है , तो हमारे पास जो page खुल कर आता है उसे SERP कहते है

यानि program Result Page .इस पेज पर दो तरह के result होते है।

1 . Inorganic results – जो advertisements होते है और पैसे देकर वहा पर आते है ।

2 Organic results – जो वह पर बिना पैसे दिये आते है, पर इसके लिये हमें program Optimization करना होता है.Search Engine Optimization

हमारी वेबसाइट की organic ranking बढ़ाता है।

 

इस को हम इस example से समझ सकते हैं – जब हम Google मे कुछ search करते है , तो हमारे पास जो page खुल कर आता है उसे SERP कहते है यानि Search

Engine Result Page .इस पेज पर दो तरह के result होते है।

1 . Inorganic results – जो advertisements होते है और पैसे देकर वहा पर आते है ।

2 Organic results – जो वह पर बिना पैसे दिये आते है, पर इसके लिये हमें program Optimization करना होता है.

यह Learn SEO in hindi tutorial के steps follow करने से आप की वेबसाइट का traffic और search engines

में ranking दोनों increase होंगी।

किसी भी ब्लॉग का traffic increase करने के लिये SEO करना बहुत जरुरी है।

40 Google रैंकिंग Factors 2020 in Hindi

आज के time मे google मे हर रोज़ 10 लाख ब्लॉग पब्लिश होते है।

तो यह संभावना बहुत ज्यादा है के हमारा Blog इस भीड़ मे खो जाये और किसी को नज़र ही न आये ।

ऐसा न हो , इसके लिये जरुरी है की हम अपने ब्लॉग का SEO करे ताकि वह Google के टॉप पर आये और उस पर पर ज्यादा से ज्यादा visitors आये।

Search Engine Optimization हमारी वेबसाइट की organic ranking बढ़ाता है।

 

इस को हम इस example से समझ सकते हैं – जब हम Google मे कुछ search करते है , तो हमारे पास जो page खुल कर आता है उसे SERP कहते है

यानि program Result Page .इस पेज पर दो तरह के result होते है।

1 . अपनी नयी ब्लॉग को गूगल और बाकि search engines में submit करें Submit your website to look engines –

अगर आप का blog या website नया है तो सबसे पहले आप उसको सभी सर्च इंजिन्स जैसे – Google, Bing, Yahoo आदि पर submit करें।

जब आप google पर वेबसाइट submit करते है तो उसका सारा रिकॉर्ड गूगल के डेटाबेस में चला जाता हैं।

  1. अपनी वेबसाइट के लिये सही Keywords का चुनाव करें

सही keywords का प्रोयग Search Engine Optimization के लिये सबसे जरुरी है।

उदहारण – अगर मेरा blog बच्चो के toys पर है। तो मेरे कीवर्ड्स यह हो सकते है- Toys for teenagers , toys for youngsters , toys for boys, toys for women , toys for one-year-old kids etc.

SEO field में सफल होने के लिये हमे सही keywords चुनना आना चाहिए।

which seo tools does one regularly?

यह आर्टिकल Best SEO Tools के बारे में है।

ये टूल आपकी Website SEO को Optimize करने में मदद करते हैं और आपकी वेबसाइट के ट्रैफ़िक को बढ़ाते हैं और उनमें से कुछ आपके

वेबसाइट के Stats और रैंकिंग की निगरानी करते हैं

तो चलो शुरू करते है…

1.Best SEO Tools जिन्हें आपको Try करना चाहिए

2.Answer the general public

3.Keywords Everywhere

4.CanIRank

5.Woorank – SEO & Website Analysis

6.SEMrush

7.Ubersuggest

8.Google AutoComplete Tool

9.Soovles

10.Ahrefs’s Keywords Explorer

11.Ahrefs’s Backlink Checker

12.Google’s Mobile-Friendly Test

13.Google’s Keyword Planner

14.SEO Minion

15.Moz’s Link Explorer

16.LinkMiner

17.Google Search console

18.Keywordtool.io

19.SimilarWeb

20.XML Sitemaps

21.Google Trend

22.Find Broken Links

23.Google PageSpeed Insights

24.Yoast SEO

25.Alexa Site Info

26.SEOquake

27Siteliner

28.FATRANK – Keyword Rank Checker

29.SpyFu

30.KWFinder

31.Long Tail Pro

32.Majestic

33.Screaming Frog

34.LSIGraph

35.Serpstat

36.SEOptimer

37.बोनस टिप्स

39.Google Auto-Suggest

40.Google related keywords search

Blogger Blog Ki Post Ko SEO Friendly Kaise Banaye.

हम जब blog में new post लिखते है तो हमे इसकी पुरी जानकारी होनी चाहिए की किस तरह की post को program जल्दी show करता है। New blogger के लिए SEO friendly post लिखने की जानकारी बहुत ही जरुरी है क्य्युकी इससे हम किसी भी post से 40% और ज्यादा traffic पा सकते है आज इस post में हम इसी के बारे में बात करेंगे की blog की post को SEO friendly कैसे बनाए?

Permalink का post को program ranking में लाने का सबसे अहम role होता है मगर permalink use करने का भी तरीका होता है जिन्हें follow करके post की ranking और increase कर सकते हैं।

  • Permalink 50 character से ज्यादा का ना हों।
  • Post title में से stop words को remove कर दीजिए example – A, An, The.
  • Permalink में कम से कम एक keywords जरुर होना चाहिए।

Permalink का post को program ranking में लाने का सबसे अहम role होता है मगर permalink use करने का भी तरीका होता है जिन्हें follow करके post की ranking और increase कर सकते हैं।

  • Permalink 50 character से ज्यादा का ना हों।
  • Post title में से stop words को remove कर दीजिए example – A, An, The.
  • Permalink में कम से कम एक keywords जरुर होना चाहिए।
  • 2. Use Keyword in Post:
  • Keyword SEO ranking के लिए सबसे ज्यादा important होते है program keyword पर सबसे पहले ध्यान देता है post लिखते समय post से related popular keyword जरुर use करें।
  • लेकिन एक ही keyword को 10 बार से ज्यादा repeat न करें। Post keyword post title से related होना चाहिए जिससे program keyword से post को जल्दी index करता हैं।
  • 3. Blogspot Label:
  • Label post को दूसरी posts से जोड़ने का काम करती है post लिखते time 1 या 2 label (tags) add करे। अगर आप blog की हर post में 1 – 3 label use करते है तो visitors post में select label से और भी post पढ़ सकते हैं।
  • जैसे अगर आप blogging के बारे में post कर रहे है तो blogging ये blog label add करें अब जब भी कोई user इस post को पढ़ेगा और उसे आपकी post पसंद आयेगी तो वो ऐसी और भी post पढना चाहेगा इसलिए label पर click कर users आसानी से दूसरी post पढ़ सकते हैं।
  1. Related Post:

आपने दुसरो के blog में देखा होगा की post के निचे 2 से 4 तक related post होती है अगर आपके blog में नहीं है तो आप ऐसी template use करे जिसमे related post का option हों।

क्युकी users post को open करके सबसे पहले related post को देखता है की कोई इससे भी अच्छी post मिल जाए visitors को एक post पर दूसरी posts पर ले जाने के लिए सबसे अच्छा तरीका हैं।

  1. Popular Post Title:

Blog की traffic बढ़ाने और program ranking में लाने का या कारगर तरीका है जहा तक हो सके ऐसे topic पर post करे जो program में सबसे ज्यादा search की जाती हों।

इन्टरनेट पर उस post पर बहुत कम blogger ने post लिखी हों इसके लिए आप एक बार post topic को google में search कर के देख सकते हो की इससे related कितनी post पहले से internet पर मौजूद हैं।

  1. Customization Image:

आपके blog की post में एक image होनी जरुरी है क्युकी program image को सबसे पहले index करता है इसके बारे में मैं already Blogger Images को SEO Friendly कैसे बनाए? इस post में details से जानकारी share कर चका हूँ।

आपकी हर post की image में meta tag and title tag add होने चाहिए image का size और format post के हिसाब से select करे जिससे post जल्दी open हों।

  1. Meta Tags:

Post लिखते time post को program में कैसे show करना है इसके लिए हर post में search description add करें। Search description में 160 words में post के बारे में लिखे जिससे visitors उस पर click करके आपकी website पर आ सके।

  1. Other Post Links:

Post में minimum 2 से 5 दूसरी post का link जरुर add होने चाहिए इससे visitors को और भी post पढने का मौका मिलता है हर एक success blogger इसे follow करता हैं।

  1. Comments Section:

बहुत से blogger comments को off करके रखते है जो की SEO के लिए बिल्कुल गलत है। BlogSpot की भी total comment SEO friendly होती है ऐसे में अगर कोई आपकी post की comment से related word भी program में search करता है तो भी आपकी post search में आयेगी।

2 .Mobile First Indexing क्या है

मोबाइल वर्शन पहले इंडेक्स करने की सुविधा का मतलब यह है कि Google इंडेक्स और रैंक करने के लिए सामग्री के मोबाइल वर्शन का मुख्य रूप से इस्तेमाल करता है. पहले, इस्तेमाल करने वाले की क्वेरी के लिए पेज के काम का होने का आकलन करते समय इंडेक्स करने में मुख्य रूप से पेज की सामग्री के डेस्कटॉप वर्शन का इस्तेमाल किया जाता था. क्योंकि अब ज़्यादातर उपयोगकर्ता मोबाइल डिवाइस पर Google का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए, Googlebot अब खास तौर पर स्मार्टफ़ोन एजेंट वाले पेज क्रॉल और इंडेक्स करता है.

मोबाइल वर्शन को पहले इंडेक्स करने की सुविधा डिफ़ॉल्ट रूप से सभी नई वेबसाइटों (वेब के लिए नई या Google Search के लिए पहले अज्ञात) के लिए चालू है. ऐसा 1 जुलाई, 2019 से किया गया है. पुरानी या मौजूदा वेबसाइटों के लिए, हम अब भी सबसे अच्छे तरीकों के आधार पर पेजों की निगरानी और उनकी जांच कर रहे हैं. इन तरीकों के बारे में इस गाइड में बताया गया है. साइट के लिए मोबाइल वर्शन को पहले इंडेक्स करने की सुविधा तय करने पर, हम Search Console में साइट के मालिक को इसकी सूचना देते हैं.

पक्का करें कि Googlebot आपकी सामग्री को ऐक्सेस और रेंडर कर सकता हो

पक्का करें कि Googlebot आपके मोबाइल पेज की सामग्री और संसाधनों को ऐक्सेस और रेंडर कर सकता हो.

  • मोबाइल और डेस्कटॉप साइट पर एक ही मेटा robots टैग इस्तेमाल करें. अगर आप मोबाइल साइट पर अलग मेटा robots टैग (खास तौर पर noindex या nofollow) इस्तेमाल करते हैं, तो हो सकता है कि Google आपके पेज को क्रॉल और इंडेक्स न कर पाए. ऐसा साइट के मोबाइल वर्शन को पहले इंडेक्स करने की सुविधा चालू होने पर होता है.
  • उपयोगकर्ताओं के इंटरैक्ट करने पर मुख्य सामग्री को धीमे लोड न करें. Googlebot ऐसी सामग्री लोड नहीं करेगा जिसके लिए उपयोगकर्ताओं के इंटरैक्शन (उदाहरण के लिए, स्वाइप करना, क्लिक करना या टाइप करना) की ज़रूरत हो. पक्का करें कि Google को वह सामग्री दिख रही हो जिसे लोड होने में ज़्यादा समय लगता है.
  • Google को अपने संसाधन क्रॉल करने दें. कुछ संसाधनों में, मोबाइल साइट के यूआरएल डेस्कटॉप साइट के यूआरएल से अलग होते हैं. अगर आप चाहते हैं कि Google आपके यूआरएल क्रॉल करे, तो पक्का करें कि आपने यूआरएल को disallow डायरेक्टिव से ब्लॉक न किया हो.

पक्का करें कि डेस्कटॉप और मोबाइल की सामग्री एक जैसी है

  • पक्का करें कि आपकी मोबाइल साइट में वही सामग्री हो जो आपकी डेस्कटॉप साइट में है. अगर आपकी मोबाइल साइट में डेस्कटॉप साइट के मुकाबले कम सामग्री है, तो मोबाइल साइट को अपडेट करें, ताकि मोबाइल साइट की मुख्य सामग्री डेस्कटॉप साइट के जैसी हो जाए. आपकी साइट पर करीब-करीब सभी इंडेक्स मोबाइल साइट से किए जाते हैं.

स्ट्रक्चर्ड डेटा की जांच करना

अगर आपकी साइट पर स्ट्रक्चर्ड डेटा है, तो पक्का करें कि यह साइट के दोनों वर्शन के लिए हो. आप इन खास बातों की जांच कर सकते हैं:

  • पक्का करें कि आपकी मोबाइल और डेस्कटॉप साइट का स्ट्रक्चर्ड डेटा एक ही हो. अगर आपको तय करना है कि मोबाइल साइट पर किस तरह के स्ट्रक्चर्ड डेटा जोड़े जाएं, तो Breadcrumb, Product, और VideoObject स्ट्रक्चर्ड डेटा से शुरुआत करें.
  • स्ट्रक्चर्ड डेटा में सही यूआरएल इस्तेमाल करें. पक्का कर लें कि मोबाइल वर्शन के स्ट्रक्चर्ड डेटा में मौजूद यूआरएल को मोबाइल यूआरएल में अपडेट कर दिया गया हो.
  • अगर आप डेटा हाइलाइटर इस्तेमाल करते हैं, तो उसे अपनी मोबाइल साइट पर अपडेट करें. अगर आप स्ट्रक्चर्ड डेटा देने के लिए डेटा हाइलाइटर इस्तेमाल करते हैं, तो समय-समय पर डेटा हाइलाइटर डैशबोर्ड की जांच करते रहें. इससे आपको साइट के कुल डेटा में से काम का डेटा छांटने में होने वाली गड़बड़ियों का पता चलेगा.

अपनी साइट के दोनों वर्शन में एक ही मेटाडेटा डालें

पक्का करें कि साइट के दोनों वर्शन में जानकारी देने वाला शीर्षक और मुख्य जानकारी एक जैसी हो.

अपने विज्ञापनों के प्लेसमेंट की जांच करना

विज्ञापनों की वजह से अपने मोबाइल पेज की रैंकिंग खराब न होने दें. मोबाइल डिवाइस पर विज्ञापन दिखाते समय, Better Ads Standard अपनाएं. उदाहरण के लिए, पेज के सबसे ऊपर दिख रहे विज्ञापन, मोबाइल डिवाइस पर ज़्यादा जगह लेते हैं. यह उपयोगकर्ताओं के लिए खराब अनुभव होता है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here